ऑनलाइन प्लेटफार्म बाइक टैक्सी कम्पनी के खिलाफ राईडरस द्वारा जमकर की नारेबाजी
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*कम्पनी द्वारा राइडर्स का इंसेंटिव बंद करने पर इसका विरोध करने पर उनकी लॉग इन आईडी बंद कर दी गई- प्रवीन कुमार
*आईडी बंद करने का कारण पूछने पर मैनेजर द्वारा कहा गया कि चाहे तुम सीएम के पास चले जाओ।
*करोना महामारी ओर लाकडाउन के कारन ऑनलाइन प्लेटफार्म बाइक टैक्सी को छोड़कर दिहाड़ी करने को मजबूर – बाईक राइडर्स
जालंधर (गुरप्रीत)ऑनलाइन प्लेटफार्म बाइक टैक्सी कंपनियों के खिलाफ जालंधर में बाइकर्स द्वारा जमकर रोष प्रदर्शन किया गया । इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए बाइकर्स द्वारा बताया गया कि करोना महामारी के चलते हुए उनका काम तो पहले से ही ठप्प पड़ा हुआ है और पेट्रोल के रेट दिनों-दिन बढ़ रहे हैं, जिसके चलते हुए ऑनलाइन प्लेटफार्म बाइक टैक्सी कम्पनियों द्वारा राइड का किराया बहुत कम किया जा रहा है और जो करोना से पहले इंसेंटिव दिया जा रहा था वो भी बंद कर दिया गया है। ओर जालंधर में इस टाइम कम से कम 6 कंपनियां बाइक टैक्सी की कार्यरत है , करोना महामारी से पहले ये कम्पनियों की गिनती 2 थी। जिसके चलते हुए गुज़ारा बसर अच्छे तरीके से हो जाता था। परंतु अब 6 कम्पनियों के आ जाने के बाद जो सवारी थी वो सभी में बंट गई । जिसके कारण काम मंदा पड़ गया ।
परन्तु जब से करोना माहमारी चली है,तब से ही वह बहुत भारी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं । एक तो इतनी ज्यादा कंपनियां आ जाने के बाद काम बिल्कुल ठप्प पड़ा है , ग्राहक करोना महामारी के चलते हुए बिल्कुल ना के बराबर है। और ये छोटी ऑनलाइन प्लेटफार्म संचालित टैक्सी कंपनियां छोटे छोटे शहरों में इन्वैस्टमैंट करके अपना काम मनमानी से करती है और मोटा कमीशन हरेक राइड के ऊपर से लिया जाता है ।
इन कम्पनियों द्वारा जो और राइडर्स है इनके उनके साथ पूरी धक्केशाही की जा रही है । जब भी कोई नई कम्पनी की शुरुआत होती है तो छोटे शहर से होती है । पहले पहले तो वह कम्पनी राइडर्स को मोटी इंसेंटिव देती है परन्तु बाद में धीरे धीरे वह राइडर्स का खून चूसने लग जाती है। प्रवीण कुमार और समूह राइडर्स ने वाओ कंपनी पर आरोप लगाया कि इस कम्पनी में इंसेंटिव भी बहुत कम है और इसका किराया भी बहुत कम है । इस कम्पनी को जालंधर में कोई भी दफ्तर नहीं है और ये कंपनी रोड के ऊपर काम कर रही है। कभी इस कंपनी का मैनेजर कभी किसी रोड पर होता है तो वे किसी रोड पर बैठा होता है ।
इस मामले में पक्ष आनने के लिए मेैनेजर से फ़ोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि कम्पनी नई लांच हुई है और हमे कस्टमर को हमने जोड़ना भी है और पहले स्टार्टिग में पहले इंसेंटिव इसका ज्यादा था और अब वह कम कर दिया गया है। और आईडी बंद करने का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हमारे पास आईडी बंद करने का कोई कारन नही है, ये सब सिस्टम द्वारा होता है जैसे आप कंपनी के व्हाट्सएप ग्रुप में किसी और कंपनी का प्रचार करेंगे तो आपको वार्निग दी आएगी और आईडी कंपनी द्वारा बंद कर दी जाएगी।
इस मौके पर प्रवीण कुमार, दीपक शर्मा, हरजीत सिंह, प्रदीप कुमार, अमनदीप सिंह, कुंदन लाल, तजिंदर सिंह, रजिन्द्र कुमार, अमित अरोड़ा, रमन कुमार, धरमिंदर, अनिल शर्मा मौजूद थे। बाइक राइडर्स द्वारा प्रशासन से अपील की कि हमको हमारा हक दिया जाए और ऑनलाइन प्लेटफार्म टैक्सी कंपनियों की मनमानी को रोका जाये ।
कैपशन:ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कम्पनियों का विरोध करते हुए समूह बाइक राइडर्स ।
