दिल्ली मोर्चा फतेह कर घर वापसी पर दोआबा किसान वैल्फेयर कमेटी के प्रधान हरसुलिंदर सिंह ढिल्लों और समूह साथियों का फूलों से किया स्वागत

किशनगढ़/बल्ला (गुरप्रीत सूर्य) दिल्ली की सरहदों पर एक साल उपरान्त किसानी मोर्चा फतेह करने उपरांत दोआबा किसान वैलफेयर कमेटी के प्रधान हरजिंद्र सिंह ढिल्लों और समूह जत्थे के साथियों का पंजाब में जलंधर के रामामंडी चौक मे मौजूद संगतो द्वारा घर वापसी पर फूलों से स्वागत किया गया।इस मौके पर दोआबा किसान वैल्फेयर कमेटी के प्रधान हरसुलिंदर सिंह ढिल्लों ने किसान संघर्ष दौरान शहीद हुए समूह किसानों को याद करते हुए नम आंखों से पहले श्रद्धांजलि दी और कहा कि संघर्ष दौरान हरियाणा से भाईचारक सांझ बड़ने पर घर वापसी को मन नही कर रहा था और बताया कि एक साल बीत जाने के उपरान्त भी सरकार किसानों की मांगें नहीं मानी थी जिसके मद्देनजर 2024 तक संघर्ष चलाने का अनुमान था जिसके तहत राशन और रसद का प्रबंध कर लिया गया था।श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर मोदी द्वारा एैलान किया गया कि तीन कृषि कानून वापस लिए जा रहे हैं। इसके उपरान्त सरकार द्वारा कानून रद्द करने पर मुहर लगा दी गई तो तब ही हमें यकीन हुआ कि क्रू रद्द हो गए हैं और हमारी जो भी और मांगे होगी वो भी सरकार से मंगवा ली जाएंगी।इस मौके पर प्रधान हरसुलिंदर सिंह ढिल्लों, भलवंत सिंह रंधावा, बलजिंद्र जीत सिंह, दिलबाग सिंह तलवंडी भीला, हरजिंदर सिंह दोदे, जसविंदर सिंह, दलजीत सिंह धोगड़ी, रविंद्र सिंह घुम्मन, दलवीर सिंह भोगल,केवल सिंह सँतोवाली, गुरमुख सिंह, जसकरण सिंह, जस्सा जँफला, हरजिन्द्र सिंह योद्धा, राना काहलो चकराला, मक्खन सिंह रहीमपुर, सुरिंदर सिंह काहलो, दलजीत सिंह, कर्मवीर सिंह, सरबजीत सिंह और भारी गिनती मे इलाके के समूह किसान मौजूद थे। इस ऐतिहासिक दिन पर प्रधान हरसुलिंदर सिंह ढिल्लों द्वारा समूह पत्रकार भाईचारे का भी धन्यवाद किया जिसने किसानी आन्दोलन की आवाज को पूरी दुनिया तक पहुचाया।