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ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਵੱਲੋਂ ਅਲਾਵਲਪੁਰ ਪੀਐੱਸਪੀਸੀਐੱਲ ਦਾ ਜੇਈ 10,000 ਰੁਪਏ ਰਿਸ਼ਵਤ ਲੈਂਦਿਆਂ ਰੰਗੇ ਹੱਥੀਂ ਕਾਬੂ

ਕਿਸ਼ਨਗੜ/ਅਲਾਵਲਪੁਰ(ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਬੱਲ/ਮੁਕੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ) ਪੰਜਾਬ ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਵੱਲੋਂ ਅੱਜ ਪੀਐਸਪੀਸੀਐਲ ਅਲਾਵਲਪੁਰ ਦੇ ਜੂਨੀਅਰ ਇੰਜੀਨੀਅਰ ਸ਼ਾਮ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਬਿਜਲੀ ਦਾ ਟਰਾਂਸਫਾਰਮਰ ਲਗਾਉਣ ਬਦਲੇ 10,000 ਰੁਪਏ ਦੀ ਰਿਸ਼ਵਤ ਲੈਂਦਿਆਂ ਰੰਗੇ ਹੱਥੀਂ ਕਾਬੂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਦੇ ਬੁਲਾਰੇ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਤਰਲੋਚਨ ਸਿੰਘ ਵਾਸੀ ਪਿੰਡ ਸਰਮਸਤਪੁਰ ਦੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ’ਤੇ ਮੁਲਜ਼ਮ ਸ਼ਾਮ ਸਿੰਘ ਜੇ.ਈ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ । ਸ਼ਿਕਾਇਤਕਰਤਾ ਨੇ ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਨੂੰ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਹ ਇੱਕ ਛੋਟਾ ਕਿਸਾਨ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸਨੇ ਟਿਊਬਵੈੱਲ ਲਈ ਬਿਜਲੀ ਸਪਲਾਈ ਲਈ ਟਰਾਂਸਫਾਰਮਰ ਲਈ ਅਰਜ਼ੀ ਦਿੱਤੀ ਹੋਈ ਹੈ। ਸ਼ਿਕਾਇਤਕਰਤਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜੇ.ਈ. ਨੇ ਪੀ.ਐਸ.ਪੀ.ਸੀ.ਐਲ. ਵੱਲੋਂ ਉਸ ਨੂੰ ਟਰਾਂਸਫਾਰਮਰ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਕੰਮ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਪੂਰਾ ਕਰ ਲਿਆ ਸੀ ਪਰ ਉਸ ਨੇ 15,000 ਰੁਪਏ ਰਿਸ਼ਵਤ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਸੌਦਾ 10,000 ਰੁਪਏ ਵਿੱਚ ਤੈਅ ਹੋਇਆ।
ਸ਼ਿਕਾਇਤਕਰਤਾ ਦੀ ਪੜਤਾਲ ਉਪਰੰਤ ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਦੀ ਟੀਮ ਨੇ ਜਾਲ ਵਿਛਾਇਆ ਅਤੇ ਦੋਸ਼ੀ ਨੂੰ ਸ਼ਿਕਾਇਤਕਰਤਾ ਤੋਂ 10,000 ਦੀ ਰਿਸ਼ਵਤ ਲੈਂਦਿਆਂ ਮੌਕੇ ‘ਤੇ ਰੰਗੇ ਹੱਥੀ ਕਾਬੂ ਕਰ ਲਿਆ। ਦੋ ਸਰਕਾਰੀ ਗਵਾਹਾਂ ਦੀ ਹਾਜ਼ਰੀ ਵਿੱਚ ਉਸ ਦੀ ਜੇਬ ਵਿੱਚੋਂ ਰਿਸ਼ਵਤ ਦੇ ਪੈਸੇ ਵੀ ਬਰਾਮਦ ਕੀਤੇ । ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਰੋਕੂ ਕਾਨੂੰਨ ਤਹਿਤ ਥਾਣਾ ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਬਿਊਰੋ ਜਲੰਧਰ ਵਿਖੇ ਮੁਕੱਦਮਾ ਦਰਜ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਅਗਲੇਰੀ ਕਾਰਵਾਈ ਜਾਰੀ ਹੈ।

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वर्ल्ड एनवायमेंट डे: जानें अबकी बार की थीम और क्या है इतिहास

*हर साल 5 जून को मनाया वर्ल्ड एनवायमेंट डे जाता है। जिसका उद्देश्य पर्यावरण को बचाना होता है, हर साल मनाया जाता है। इस वर्ष के विश्व पर्यावरण दिवस 2022 की थीम ‘Only One Earth’ है।

By Gurpreet Surya
विश्व पर्यावरण दिवस
विश्व पर्यावरण का मुख्य उद्देश्य प्रकृति के नुकसान को रोकना है। ऐसे में विकास के साथ दुनियाभर में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। वन और जंगल नष्ट किए जा रहे हैं। नदी और झरनों का रुख बदला जा रहा है। जिसकी वजह से पूरी दुनिया में प्रदूषण का लेवल बढ़ रहा है। बढ़ते प्रदूषण और प्रकृति को होने वाले नुकसान को कम करने को लेकर जागरुकता अभियान चलाने के लिए पर्यावरण दिवस मनाया जाता है।
धरती हमारी जननी है और प्रकृति हमारी जिंदगी। प्रकृति के बिना मानव जीवन संभव नहीं है, बावजूद इसके हम विकास और आधुनिकता की दौड़ में आगे निकलने के लिए पर्यावरण को नुकसान पहुंचाकर प्रकृति से ही दूर जा रहे हैं। जिसके चलते अब झरना, नदी, झील और जंगल देखने के लिए हमें मीलों दूर जाना पड़ता है। तो वहीं प्रकृति को नुकसान पहुंचाने का अंजाम हम वक्त-वक्त पर भुगत भी रहे हैं। कभी बादल फट जाते हैं. तो कभी बाढ़ आ जाती है, कहीं धरती में पानी सूख रहा है तो कहीं की जमीन आग उगल रही है। ये सब क्लाइमेट चेंज की वजह से ही हो रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर पूरी दुनिया में पर्यावरण को बचाने के लिए जागरुकता अभियान चलाया जाता है। इसीलिए हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है।

विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत 1972 में स्टॉकहोम में आयोजित मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में हुई थी। सम्मेलन 5 जून को शुरू होकर 16 जून तक जारी रहा था। जिसमें 119 देशों ने हिस्सा लिया था। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के नेतृत्व में वार्षिक कार्यक्रम पहली बार 5 जून 1973 को मनाया गया था। 1987 से ही ये आयोजन विभिन्न देशों में रोटेशनल बेसिस पर आयोजित किया जाता है। इस वर्ष वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे 2022 स्वीडन में होगा और 1972 में संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन की 50वीं वर्षगांठ को चिह्नित करेगा, जिसे स्टॉकहोम +50 कहा जाता है। इस वर्ष के विश्व पर्यावरण दिवस 2022 की थीम ‘Only One Earth’ है। ये स्टॉकहोम में 1972 के सम्मेलन का नारा भी था, जिसके कारण 5 जून को वार्षिक वैश्विक कार्यक्रम का जन्म हुआ।

विश्व पर्यावरण का मुख्य उद्देश्य प्रकृति के नुकसान को रोकना है। ऐसे में विकास के साथ दुनियाभर में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। वन और जंगल नष्ट किए जा रहे हैं। नदी और झरनों का रुख बदला जा रहा है। जिसकी वजह से पूरी दुनिया में प्रदूषण का लेवल बढ़ रहा है। बढ़ते प्रदूषण और प्रकृति को होने वाले नुकसान को कम करने को लेकर जागरुकता अभियान चलाने के लिए पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस दिन पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है। इस दौरान लोगों से प्रकृति को प्रदूषित होने से बचाने की अपील की जाती है.

पर्यावरण दिवस हमारे ग्रह की सुरक्षा के लिए सुधारात्मक उपाय करने की तत्काल जजरुरत पर प्रकाश डालता है। इस तरह के सुधारात्मक उपायों को अपनाने का आग्रह करने के लिए संयुक्त राष्ट्र 5 जून को नागरिक समाज, सरकारों, स्कूलों, व्यवसायों और मशहूर हस्तियों की भागीदारी के साथ कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है।

आपको जानकार ताज्जुब होगा कि कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 भारत में साल 1901 के बाद पांचवां सबसे गर्म वर्ष था। ये दर्शाता है कि भारत में तापमान में किस कदर वृद्धि हो रही है। अभी पिछले कुछ दिनों पहले मई 2022 में राजधानी दिल्ली के कुछ इलाकों में तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था जिसके चलते ऑरेंज अलर्ट तक जारी किया गया।ऐसे में हर आम इंसान को भी अपनी तरफ से पर्यावरण को बचाने का प्रयास करना चाहिए।

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