*पुलिस की वाटर कैनन गाड़ी को पहुंचा नुकसान, बाहर खड़ी ट्रालियों औऱ बैरिगेट से टला हादसा
Phagwara (Kuldeep Kumar)फगवाड़ा में शुगर मिल के समने हाईवे पर धरने में आज सेना का एक ट्रक तकनीकी खराबी के कारण अनियंत्रित होकर जा घुसा। इस हादसे में किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। धरने पर किसान बाल-बाल बच गए।
यदि मौके पर पुलिस के बैरिगेट्स और किसानों की धरना स्थल के बाहर ट्रालियां न खड़ी होती तो सेना का ट्रक सीधा धरना स्थल में किसानों को कुचल डालता।
हादसे के बाद ट्रक में सवार सेना के सूबेदार ने तुरंत प्रभाव से अपने मैकेनिकल विंग और उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना के बाद जालंधर कैंट से सेना के अधिकारी मैकेनिकों को लेकर मौके पर पहुंचे। इसके बाद ट्रक को टो करके साथ ले गए।
रेलवे ट्रैक पर किसानों लगाया अपनी मांगों को लेकर केन्द्र सरकार के खिलाफ धरना किशनगढ़ (गुरप्रीत सूर्य) पंजाब के किसान एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ संघर्ष पर उतर आए हैं । किसान रविवार को एक बार फिर से पटरियों व सड़कों पर बैठ गए , किसान यूपी के लखीमपुर खीरी में हुए साजिश के तहत हादसे में जान गंवाने वाले किसानों के लिए इंसाफ की मांग के अलावा केन्द्र सरकार को लंबित मांगें पूरी करने के लिए पंजाब के किसानों द्वारा 4 घंटे के लिए रेल मार्ग और सड़क मार्ग बंद
संयुक्त किसान मोर्चे के प्रोग्राम तहत जालंधर की जत्थेबंदियों की तरफ से मीटिंग की गई
किशनगढ़ (गुरप्रीत सिंह ) जालंधर में संयुक्त किसान मोर्चे के प्रोग्राम तहत अलग अलग किसान जत्थेबंदियों की तरफ से सम्मेलन किया गया जिसमें संयुक्त मोर्चे की तरफ से दिए बुलावे तहत अलग अलग विषयों पर विचार चर्चा की गई जैसे कि पंजाब के पानी, लखीमपुर खीरी के दोषियों को सजा, किसान मोर्चा के दौरान दर्ज केस ख़त्म करने सम्बन्धी, एमएसपी कमेटी और अलग-अलग विषयों पर जत्थेबंदियों के बुलारों द्वारा अपने विचार पेश किये गये ।संयुक्त किसान मोर्चे की तरफ से जुलाई और अगस्त महीने के सम्मेलनों के लिए किसानों और मजदूरों को लामबंद किया गया । सम्मेलन दौरान किसान प्रधानगी मण्डल ने बताया कि कथित जुलाई को जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन 4 घंटे के लिए सुबह 11 से 3 बजे तक रेलवे ट्रैक को बंद रखा जाएगा और 18, 19, 20 अगस्त को लखीमपुर खीरी में 75 घंटे के लिए धरना दिया जाएगा, जिसमें पूरे पंजाब से जत्थेबंदियां हिस्सा लेगी। इस मौके पर दोआबा किसान संघर्ष कमेटी पंजाब , किरती किसान यूनियन, भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल, बीकेयू दोआबा ,कुल हिंद किसान सभा और जमरूही किसान सभा पंजाब के नुमाइंदे और मेंबर मौजूद थे।