सुविधा केंद्र के जैसे खुले जालंधर में लॉटरी के अड्डे, युद्ध नशे विरुद्ध की खुली पोल





चौंकी फोकल प्वाइंट और डिविजन नंबर 8 पुलिस की मिलीभगत से चलते है लॉटरी के नाजायज अड्डे, उच्च अधिकारियों को भी पहुंचता हिस्सा जो सबूत देख कर आंखों पर पट्टी बांध कर अनदेखा करके कर रहे ड्रामा
खबर के असर ने पहले ही खोल दी थी चौंकी फोकल प्वाइंट और डिविजन नंबर 8 पुलिस की पोल
नशेड़ी लोगो को सेंटर भेजने वाली पुलिस के मुलाजिम खुद नशे के है आदि,उनको सेंटर भेजने की बजाए महीना इक्ट्ठा करने की लगाई ड्यूटी
जालंधर (गुरप्रीत बल्ल) जालंधर के फोकल प्वाइंट इलाके में पुलिस डिविजन नंबर 8 और चौंकी फोकल प्वाइंट पुलिस की मिलीभगत से लॉटरी के अड्डे सरेआम चलते दिखाई दे रहे है और इस संबंधी जालंधर की पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर को काफी वीडियो/फोटो और मैसेज भेज कर कई बार अवगत करवाया मगर डिविजन नंबर 8 और चौंकी फोकल प्वाइंट के भ्रष्ट पुलिस अफसरों के कारण लॉटरी के अड्डे ऐसे खुले है जैसे कोई सुविधा सेंटर खुले हो, जब इस संबंधी उच्च अधिकारी एडीसीपी सिटी 1 आकर्षि जैन को सबूत समेत बताया तो उन्होंने भी कानूनी कारवाई करने का ड्रामा करके एसीपी को फोन करके शिकायतकर्ता से मिलने का बोल दिया मगर कारवाई इसलिए नहीं की क्योंकि लाटरी का अड्डा चलाने वाले करिंदे का नेटवर्क उच्च अधिकारियों से संपर्क है जिसको लेकर कोई भी इनके अड्डे को हाथ लगाने से पहले कई बार सोचता है और जिन लोगों ने इस नाजायज लाटरी का अड्डा खोलने के लिए अपनी दुकाने दी है उनकी भी चौंकी फोकल प्वाइंट और डिविजन नंबर 8 में पूरी पकड़ है जिससे आम लोगों को खुलम खुला लूटने का कारोबार पुलिस के उच्च अधिकारियों के सामने चलता है और पुलिस अपनी जेब गर्म होते देख आंखों पर पट्टी बांध कर अड्डों को अनदेखा करके नाजायज धंधे को बढ़ावा दे रही है, इस संबंधी जालंधर के मोहल्ला सईपुर कलां के संजीव कुमार ने कई बार उच्च अधिकारियों को इसके बारे में बताया मगर हर बार कानूनी कारवाई करने का बहाना लगा कर बात को घुमाया जाता है और अपनी जेब गर्म ज्यादा होती देख दस से ज्यादा दुकानें खुलवा चुके है और पंजाब के डीजीपी बोल रहे है कि जनता पुलिस से सहयोग करे और पुलिस जनता की सेवा में है मगर जालंधर की पुलिस की कारवाई को देख कर तो ऐसा लगता है कि पुलिस नशेबाज,जुएंबाज,नशा तस्करों का सुरक्षा कवच बन कर काम करती हैं और पुलिस नशा तस्करों से मिलकर खुद भी नशा करती है और नशा बेचने वाले को पकड़ने की बजाए महीना लेकर छोड़ देती है ।कुछ महीने पहले दोआबा टाईम्स की खबर ने खुलासा किया था कि एक नशा तस्कर डाक्टर ऋषि सरेआम चौंकी फोकल प्वाइंट से मिलकर नशे का कारोबार करता है और महीना भरता है । जब नशा तस्कर ने एक महीने से पैसा नहीं दिया तो चौंकी फोकल प्वाइंट का बिक्रम सिंह डाक्टर ऋषि की दुकान से नशा बरामद करके चौंकी में दाखिल होता है और नशा तस्कर डाक्टर अपने किसी खास को लेकर चौंकी फोकल प्वाइंट के इंचार्ज अवतार,मुंशी कर्णवीर सिंह,बिक्रम से 50000 में समझौता करता है और 15000 रुपए देकर चला जाता है और यह सभी घटना चौंकी फोकल प्वाइंट में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी और इसके बारे में एडीसीपी सिटी 1 मैडम आकर्षि जैन को बताया मगर आकर्षि जैन ने अपने पुलिस मुलाजिमों को बचाते हुए चौंकी के इंचार्ज अवतार सिंह, मुंशी कर्णवीर सिंह और बिक्रम सिंह को कभी भी नहीं बुलाया और ना ही कोई सीसीटीवी चैक किए और ना ही दोषी पुलिस मुलाजिमों से गहराई से पूछताछ की। खबर को पढ़ने के बाद स्पेशल क्राइम ब्रांच हरकत में आई और डाक्टर ऋषि को ट्रैप लगा कर 1 लाख 85 हजार नशे की गोलियों समेत काबू किया जिनका नेटवर्क गोइंदवाल जेल से जुड़ा था मगर पुलिस के उच्च अधिकारियों ने फिर भी चौंकी फोकल प्वाइंट के भ्रष्ट पुलिस मुलाजिमों पर कारवाई करने की बजाए ड्रामा किया । डिविजन नंबर 8 की पुलिस ने डाक्टर ऋषि और अन्य लोगों पर एफ आई आर काट कर अपने नंबर बना कर खूब सुर्खियां बटोरी और उच्च अधिकारी तमाशा देखते रहे इस संबंधी डीजीपी को सभी अधिकारियों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई मगर अपने पैसा कमाऊ मुलाजिमों पर कारवाई होते देख गलत रिपोर्ट बना कर पेश करते रहे जिससे नशा करने और लूटपाट करने वाले लुटेरे दिन प्रति दिन बढ़ते गए मगर लोगो की सुरक्षा करने वाली पुलिस खुद सवालों के घेरे में घिरती नजर आ रही है इस संबंधी ए सी पी नॉर्थ अशोक मीना जी को भी बताया और एस एच ओ डिविजन नंबर 8 को सभी ठिकाने बताए और एस एच ओ शिकायतकर्ता से ही बहाने से पूछने लगा के कहां कहां लाटरी के अड्डे खुले है जब उनको सभी अड्डे बता दिए तो बार बार फिर पूछने लगा कि कही और भी अड्डे है तो मुझे बताए कि जिनके बारे में शिकायतकर्ता को नहीं पता उनको खुला छोड़ दे मगर एसएचओ भी उच्च अधिकारियों के इशारे पर लाटरी के अड्डे पर जाने से डरता है दूसरा इतनी सर्दी में महीना लेकर जेब गर्म होती देख कर कौन चाहेगा कि अड्डे बंद हो? इस संबंधी संजीव कुमार ने बताया कि पुलिस ने आम लोगों का विश्वास खो दिया है जिनको लेकर कोई भी आम व्यक्ति सहयोग करना तो दूर वो पुलिस से बात करने से भी डरता है क्योंकि जब पुलिस खुद ही आपराधिक लोगो से मिली है और खुद ही नशा बेचने वाले से मिली है तो किसी के शिकायत करनें से कोई भी फायदा नहीं है और चौंकी फोकल के मुलाजिम खुद नशे के आदि है जिनको सभी लोगों के बारे में पता है इस संबंधी संजीव कुमार पर हमला भी हो चुका है और पुलिस अपराधियों को खुद ही बता देती है कि किस व्यक्ति ने नशा तस्कर की शिकायत दर्ज करवाई है।
https://doabatimes.news.blog/2025/07/22/jalandhar-43/













